छतरपुर।। हरपालपुर। देश को पूरी तरह पोलियो मुक्त बनाए रखने के राष्ट्रीय संकल्प के तहत आज प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र हरपालपुर द्वारा एक विशेष पल्स पोलियो टीकाकरण अभियान चलाया गया। इस अभियान के तहत स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मुस्तैदी दिखाते हुए राह चलते और सफर कर रहे बच्चों को सुरक्षा कवच प्रदान किया।
अभियान की कमान खुद प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र हरपालपुर के मेडिकल ऑफिसर डॉ. सौरव मिश्रा ने संभाली। डॉ. मिश्रा ने केवल अस्पताल परिसर तक सीमित न रहकर, खुद ज़मीनी स्तर पर मोर्चा संभाला। उन्होंने हरपालपुर रेलवे स्टेशन और स्थानीय बस स्टैंड जैसे व्यस्त सार्वजनिक स्थानों का सघन दौरा किया। इस दौरान उन्होंने यात्रा कर रहे और वहां मौजूद 0 से 5 वर्ष तक के 50 बच्चों को अपने हाथों से पोलियो की खुराक ('दो बूंद जिंदगी की') पिलाई।
'कोई भी बच्चा न छूटे' के संकल्प के साथ टीम ने किया काम डॉ. सौरव मिश्रा ने इस मौके पर कहा कि रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड ऐसे संवेदनशील स्थान हैं, जहाँ से बड़ी संख्या में लोग आवागमन करते हैं। ऐसे में सफर कर रहे बच्चों के छूटने की संभावना सबसे ज्यादा होती है। इसी को ध्यान में रखते हुए इन स्थानों पर विशेष फोकस किया गया ताकि कोई भी बच्चा इस जीवन रक्षक दवा से वंचित न रह जाए।
इन सहयोगियों की रही विशेष और सराहनीय भूमिका
इस पल्स पोलियो अभियान को शत-प्रतिशत सफल और प्रभावी बनाने में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र हरपालपुर के समस्त समर्पित स्टाफ का अभूतपूर्व योगदान रहा। इसके साथ ही, क्षेत्र के सम्मानित नागरिकों— श्री राजेंद्र प्रसाद जी एवं श्री ध्रुव सिंह परमार जी ने इस अभियान में कंधे से कंधा मिलाकर काम किया। इन दोनों समाजसेवियों की विशेष और सक्रिय भूमिका के कारण टीम को आम जनता तक पहुँचने और लोगों को जागरूक करने में भारी मदद मिली।
"पोलियो पर मिली जीत को बरकरार रखना हम सबकी सामूहिक जिम्मेदारी है। हमारी टीम हर उस बच्चे तक पहुँचने के लिए प्रतिबद्ध है, जो देश का भविष्य हैं।"
— डॉ. सौरव मिश्रा, मेडिकल ऑफिसर, PHC हरपालपुर
स्थानीय नागरिकों और यात्रियों ने डॉक्टर सौरव मिश्रा और उनकी पूरी टीम के इस सेवाभावी और सक्रिय प्रयास की खुले दिल से सराहना की है। स्वास्थ्य विभाग के इस कदम से न केवल जागरूकता बढ़ी है, बल्कि अभियान को एक नई गति भी मिली है।
