कलेक्टर के निर्देश पर राजस्व एवं कृषि विभाग की संयुक्त कार्रवाई।।
कलेक्टर की अपील नरवाई जलाने से पर्यावरण और मिट्टी को होता है नुकसान, नरवाई न जलाएं।।
छतरपुर। जिले में कलेक्टर पार्थ जैसवाल द्वारा जिले में खेतों में नरवाई नहीं जलाने के संबंध में आदेश जारी किया गया था। साथ ही आमजनों से खेतों में नरवाई न जलाने की अपील भी गई। उक्त आदेश के उल्लंघन पर कलेक्टर पार्थ जैसवाल के निर्देश पर राजस्व एवं कृषि विभाग द्वारा संयुक्त कार्रवाई करते हुए विभिन्न विकासखंडों में थाने में 7 प्रकरण दर्ज कर 18 लोगों पर एफआईआर दर्ज कराई गई है।
जिसमें वि.ख नौगांव के ग्राम लुगासी में आशाराम उर्फ अस्सू कुशवाहा पिता धनीराम कुशवाहा, बक्सवाहा के ग्राम पौड़ी में लक्ष्मन लोधी पिता मोहन लोधी एवं ग्राम दरगुवां में रमेश राय पिता मथुरा राय, वि.ख. छतरपुर के ईशानगर में भरत सिंह पिता जगमोहन, बाबूलाल पिता भवनिया रजक, सीताराम पिता मुलुवा रजक, मुकेश पिता श्याम लाल अहिरवार, बालादीन पिता श्यामलाल अहिरवार, प्यारेलाल पिता भूरा अहिरवार व संतराम पिता भूरा अहिरवार एवं ग्राम देरी में राजेन्द्र सिंह पिता महाराज सिंह चंदेल और बिजावर अंतर्गत ग्राम महुआझाला में फौज खां, संतोष प्रजापति एवं बड़ामलहरा में शंकर यादव, जानकी बाई यादव, लखन यादव, बाबा यादव व सूराबाई यादव शामिल हैं।
कृषि विभाग द्वारा किसानों को लगातार समझाइश दी जा रही है कि नरवाई जलाने से मिट्टी के सूक्ष्म जीव नष्ट हो जाते हैं, जिससे भूमि की उर्वरता कम होती है। साथ ही पर्यावरण प्रदूषण और आगजनी जैसी घटनाओं का खतरा भी बढ़ जाता है। साथ ही किसानों को नरवाई प्रबंधन के लिए आधुनिक कृषि यंत्रों जैसे रीपर, हैप्पी सीडर, सुपर स्ट्रॉ मैनेजमेंट सिस्टम आदि के उपयोग की सलाह दी जा रही है। इसके अलावा नरवाई को जैविक खाद या पशुओं के चारे के रूप में उपयोग करने के लिए भी प्रेरित किया जा रहा है।
नरवाई जलाने वाले किसानों पर जुर्माने के साथ-साथ बीएनएस की धारा के तहत कार्रवाई की जाएगी। जुर्माने में 2 एकड़ तक भूमि पर 2500 रुपए, 2 से 5 एकड़ तक 5 हजार रुपए, 5 एकड़ से अधिक भूमि पर 15 हजार रुपए का जुर्माना लगाया जाएगा।
कलेक्टर ने किसानों से अपील की है कि वे नरवाई न जलाएं और पर्यावरण संरक्षण में सहयोग करें। नियमों का पालन न करने वालों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
