*हम कभी नहीं सुधरेंगे*
गंज बासौदा:-जनपद पंचायत बासौदा अंतर्गत आने एक सौ एक ग्राम पंचायतों में से अधिकांश ग्राम पंचायतें ऐसी है जिन के सचिव भूले भटके ही अपनी ग्राम पंचायत में पहुंचते हैं क्षेत्र में कई ग्राम पंचायतें तो ऐसी भी हैं जिनके पन्द्रह पन्द्रह दिन ताले ही नहीं खुलते,क्योंकि यह सचिव जनपद और जनपद के आसपास भटकते हुऐ देखे जा सकते हैं। सबसे ज्यादा नेतागिरी करने वाले सचिव ज्यादा दिखाई देते हैं,इस लिये की इन्हें राजनैतिक संरक्षण प्राप्त रहता है जिसका यह लोग भरपूर फायदा उठाते हैं। ग्राम पंचायतों के विकास कार्यों को लेकर हालात बहुत ज्यादा अच्छे नहीं है,
इस बात का प्रमाण जनपद पंचायत में लगे हुऐ सी सी टीवी कैमरे में कैद फुटेज में देखी जा सकती है। सचिवों के अपनी ग्राम पंचायत में नहीं पहुंचने की वजह से ग्रामीणों को मूलभूत समास्याओं के निराकरण हेतु परेशान होना पड़ता है,जनपद पंचायत और उसके आसपास पास घूमने बाले सचिवों के पास बहाना इस बात का होता है कि वह जनपद में आवश्यक कार्य की वजह से आते हैं,जिस कार्य का बहाना सचिव लेते हैं उक्त कार्य तो सरपंच जनपद पंचायत आ कर भी कर सकता है।अपने मूल कर्तव्यों के प्रति लापरवाह सचिवों के प्रति अधिकारीयों को सख्त होना पड़ेगा,बरना जिस ढर्रे पर ग्राम पंचायतें चल रही है उसी पर आगे भी चलती रही और हालात भी नहीं सुधरेंगे।
**नरेंद्र सर्राफ अधिमान्य पत्रकार**