छतरपुर/नौगांव।। शहर के छतरपुर रोड स्थित तिवारी मोहल्ले में शुक्रवार शाम एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है। यहाँ एक पिता ने अपने ही दो मासूम बेटों को जिंदा जलाने का प्रयास किया। गनीमत रही कि समय रहते पड़ोसियों ने मकान से धुआं उठता देख लिया और मौके पर पहुँचकर बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। इस घटना ने पिता-पुत्र के पवित्र रिश्ते को पूरी तरह शर्मसार कर दिया है।
पड़ोसियों की सतर्कता से टला बड़ा हादसा।।
मूल रूप से पलेरा निवासी राघवेंद्र तिवारी वर्तमान में छतरपुर रोड पर एक किराए के मकान में रह रहा था। शुक्रवार को उसकी पत्नी मायके गई हुई थी, इसी का फायदा उठाकर शाम करीब 5 बजे राघवेंद्र अपने दोनों बेटों—8 वर्षीय जय तिवारी और 5 वर्षीय हर्ष मणि तिवारी—को कमरे के अंदर ले गया। जब पत्नी ने फोन किया, तो उसे बच्चों के चीखने की आवाज सुनाई दी। उसी दौरान पड़ोसियों ने धुआं देख दरवाजा खोला और आग पर काबू पाकर बच्चों को बाहर निकाला।
पीड़ित बच्चों का उपचार नौगांव सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में चल रहा है, जहाँ वे बेहद डरे हुए और सहमे हुए हैं। आरोपी की पत्नी ने बताया कि उनकी शादी को 10 साल हो चुके हैं, लेकिन पति हाल ही में किसी तांत्रिक विद्या के चक्कर में पड़ गया था, जिसके कारण उसने इस खौफनाक कदम को उठाया। सूचना मिलते ही नौगांव पुलिस मौके पर पहुँची और आरोपी पिता राघवेंद्र तिवारी को हिरासत में ले लिया है। फिलहाल पुलिस मामले की गहनता से जाँच कर रही है।
