शिक्षा माफियाओं में हड़कंप, छतरपुर कलेक्टर की बड़ी कार्रवाई, 41 प्राइवेट स्कूलों पर गिरेगी गाज।
छतरपुर। जिले में शिक्षा की गुणवत्ता और बोर्ड परीक्षाओं के निराशाजनक परिणामों को लेकर कलेक्टर पार्थ जैसवाल ने बेहद सख्त रुख अख्तियार किया है। गुरुवार को आयोजित समीक्षा बैठक में कलेक्टर ने शून्य से 50 प्रतिशत तक परीक्षा परिणाम देने वाले जिले के 41 निजी स्कूलों की मान्यता समाप्त करने के निर्देश जारी किए हैं। कलेक्टर ने दो टूक शब्दों में कहा कि छात्रों के भविष्य और उनकी पढ़ाई के साथ किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
निजी स्कूलों पर गिरी गाज: 5वीं और 8वीं के रिजल्ट ने खोली पोल
कलेक्टर ने माध्यमिक शिक्षा मंडल और स्थानीय परीक्षाओं के परिणामों की समीक्षा के दौरान पाया कि कई निजी स्कूल मानकों पर खरे नहीं उतर रहे हैं। इसके तहत कक्षा 5वीं के 14 और कक्षा 8वीं के 27 निजी स्कूलों, जिनका परीक्षा परिणाम 50 प्रतिशत से कम रहा है, उनकी मान्यता समाप्त करने के संबंध में नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन की इस कार्रवाई से जिले के निजी स्कूल संचालकों में हड़कंप मच गया है।
बैठक में केवल निजी ही नहीं, बल्कि सरकारी स्कूलों के प्रदर्शन पर भी कलेक्टर ने नाराजगी जताई। 10वीं और 12वीं के खराब रिजल्ट को लेकर कई शासकीय प्राचार्यों की वेतन वृद्धि (इंक्रीमेंट) रोकने के निर्देश दिए गए हैं।
बमनौराकला: प्राचार्य की दो वेतन वृद्धि रोकने और अंग्रेजी शिक्षक के निलंबन का प्रस्ताव कमिश्नर को भेजने के निर्देश।
राजनगर व बड़ामलहरा: उत्कृष्ट विद्यालय राजनगर के संस्था प्रमुख का मई माह का केवल 20% और कन्या स्कूल बड़ामलहरा प्रमुख का 50% वेतन देने का आदेश।
वेतन वृद्धि रोकी गई: बरेली, बड़ामलहरा, ठकुर्रा, मउसहानियां, गौरिहार, रनगुवां और नौगांव के संस्था प्रमुखों की एक-एक वेतन वृद्धि रोकने के निर्देश दिए गए हैं।।
अतिथि शिक्षक ब्लैक लिस्ट, कईयों की सेवा समाप्त
लापरवाही बरतने वाले अतिथि शिक्षकों पर भी कलेक्टर ने कठोर कार्रवाई की है। शासकीय हाई स्कूल निमानी, गौरिहार, बाजना और कुटौरा के अतिथि शिक्षकों को तत्काल प्रभाव से पद से पृथक करने और उन्हें भविष्य के लिए 'ब्लैक लिस्ट' करने के निर्देश दिए गए हैं। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि जो शिक्षक छात्रों की उपस्थिति सुनिश्चित नहीं कर पा रहे हैं या जिनके विषय का परिणाम अत्यंत खराब है, उन्हें सेवा में बने रहने का अधिकार नहीं है।
नामांकन बढ़ाने के लिए चाइल्ड ट्रैकिंग ऐप का सहारा
शिक्षा व्यवस्था को जमीनी स्तर पर मजबूत करने के लिए कलेक्टर ने कक्षा पहली में बच्चों के नामांकन की भी समीक्षा की। नामांकन की कम स्थिति पर नाराजगी जताते हुए बड़ामलहरा और ईशानगर के बीईओ (BEO) को निर्देश दिए गए कि वे 'चाइल्ड ट्रैकिंग ऐप' के माध्यम से बच्चों की सूची निकालें और शत-प्रतिशत नामांकन सुनिश्चित करें।
बैठक में जिला पंचायत सीईओ नमः शिवाय अरजरिया सहित शिक्षा विभाग के तमाम वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। कलेक्टर की इस व्यापक कार्रवाई ने यह स्पष्ट कर दिया है कि जिले में शैक्षणिक सुधार अब प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
