खाकी का बड़ा खेल! बिना PHQ की इजाजत विधायकों को बांटी अवैध सुरक्षा, RI पूर्णिमा मिश्रा के निलंबन और ₹1.25 करोड़ रिकवरी की उठी मांग।।
छतरपुर। छतरपुर पुलिस लाइन को अपनी निजी जागीर समझकर नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ाने वाली रक्षित निरीक्षक पूर्णिमा मिश्रा की तानाशाही और भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ा विस्फोट हुआ है। पुलिस मुख्यालय भोपाल की अनुमति के बिना राजनगर, छतरपुर और बिजावर के विधायकों की दरबारी खिदमत में अवैध रूप से SF जवानों की फौज तैनात करने का सनसनीखेज भंडाफोड़ हुआ है।
आरटीआई एक्टिविस्ट लखन अनुरागी ने पुलिस अधीक्षक को सीधी शिकायत सौंपकर आरआई पूर्णिमा मिश्रा को तत्काल निलंबित कर बर्खास्त करने और सरकारी खजाने को लगाए गए 1 करोड़ 25 लाख रुपये के चूने की वसूली आरआई की जेब से करने की दो-टूक मांग की है।
अवैध फौज और गोपनीयता का ढोंग
1 जनवरी 2024 से विधायकों के पास पहले से अधिकृत PSO होने के बावजूद, आरआई ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए विशेष सशस्त्र बल के जवानों को उनकी चौखट पर झोंक दिया। जब RTI में रोजनामचा (साना) मांगा गया, तो अफसरों ने धारा 8(1)(घ) की आड़ लेकर आरआई की काली करतूतों पर पर्दा डाल दिया। असलियत यह है कि एसपी दफ्तर के पास इस अवैध तैनाती का कोई सरकारी आदेश है ही नहीं।
जनता के सवा करोड़ पर डाका।।
जनता की गाढ़ी कमाई और टैक्स के पैसे को रसूखदारों की जी-हुजूरी में लुटाने वाली आरआई के खिलाफ जिले में भारी आक्रोश है। एक्टिविस्ट ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि अवैध सुरक्षा पर फूंक दिए गए 1.25 करोड़ की वसूली आरआई पूर्णिमा मिश्रा के वेतन से हो एवं वर्दी को शर्मसार कर व्यवस्था को बंधक बनाने वाली इस भ्रष्ट कार्यप्रणाली पर आरआई की तत्काल सेवा समाप्ति की जाए। खाकी के इस मनमाने रवैये और करोड़ों के वित्तीय भार के खुलासे के बाद अब जिले के आला अधिकारियों के रुख पर सभी की निगाहें टिकी हैं।
