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**नौगांव में जमीनी विवाद का मामला फिर गर्माया,प्रीतम यादव, ममता यादव ने प्रेस वार्ता कर हरनारायण शर्मा पटवारी पर लगाए जमीन में हेरा फेरी करने के आरोप**

छतरपुर:-नौगांव आज दिनांक 03 10 -2024 को एक निजी होटल में प्रीतम यादव द्वारा प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया। जिससे नौगांव शहर की  बेशकीमती भूमि का मामला फिर से गरमा गया। यह मामला मौजा नौगांव के खसरा नंबर 265, 266, 267 268,269 और 270 कुल रकवा 2.125 आरे का है। प्रीतम यादव ने जानकारी देते हुए बताया कि
1951 में मेरे दादा जी अनंतराम यादव ने इस भूमि को छुटिया यादव से 
रहन में रखा लिया था । जिसकी पंचनामा आधार पर लिखा पढ़ी हुई थी।1981 में छुटिया यादव ने मुन्नीलाल को 1/2 की रजिस्ट्री कर दी । 22 अप्रैल 1981 को रजिस्ट्री हुई । रजिस्ट्री उपरांत मुन्नीलाल ने नामांतरण के लिये तहसीलदार नौगांव 
के यहाँ आवेदन सौंपा । अनंतराम यादव ने आपत्ति दर्ज कराई । मुन्नीलाल का नामांतरण खारिज हुआ तो मुन्नीलाल ने सिविल में दावा किया । सिविल दावा द्वितीय व्यवहार न्यायाधीश वर्ग-2 नौगांव ने खारिज कर दिया।मुन्नीलाल ने फिर अपील प्रथम जिला न्यायाधीश नौगांव में अपील की । जिस फैसले में दिनांक 27.09.2021 को आदेश पारित हुआ। 1/2 का हिस्सेदार मुन्नीलाल को माना गया । शेष 1/2 का रहन के आधार पर अनंतराम के वारिस अधिकारी है।उक्त प्रकरण के दौरान अनंतराम के वारसान प्रीतम यादव वगैरह ने छुटिया के वारसान 
से 1/2 की रजिस्ट्री करा ली । नामांतरण भी हो गया था । सत्र न्यायाधीश नौगांव ने 2021 के आदेश में छुटिया के वारसान से प्रीतम यादव वगैरह के नाम की गई रजिस्ट्री 
को शून्य घोषित कर दिया। सत्र न्यायाधीश नौगांव के आदेश के खिलाफ प्रीतम यादव वगैरह हाईकोर्ट में अपील की। जो स्वीकार नहीं हुई। जिसके विरूद्ध उच्चतम न्यायालय में अपील की, जिसे मंजूर कर लिया गया था । इसी बीच दोनों पक्षों के मध्य राजीनामा हो गया । लोक अदालत में 
राजीनामा हुआ, जिसमें पूरे खसरा नंबर से 1/2 पर राजीनामा हुआ। 
इस राजीनामा आधार पर सुप्रीम कोर्ट में दायर अपील को वापिस लिया गया।एस. डी. एम. नौगांव के यहाँ नामांतरण को लेकर आवेदन दिया गया कि पूर्व में दर्ज नामांतरण/ नाम दर्ज में संशोधन किया जाये । जिसमें विनय द्विवेदी एस. डी. एम. ने 
आदेश दिया कि 1/2 - 1/2 दोनों पक्षों के नाम दर्ज हो और फाईल तहसीलदार को भेज दी ।
एस. डी. एम. के आदेश का परिपालन नहीं करते हुये पटवारी हरिनारायण शर्मा ने दूसरे पक्ष के नाम तो दर्ज रहने दिये पर प्रीतम वगैरह के नाम हटाकर मुन्नीलाल के वारसान नाम कर पूरी भूमि मुन्नीलाल के वारसान नाम दर्ज कर दी । 
कलेक्टर को जनसुनवाई में आवेदन दिया । जिसमें एस. डी. एम. विनय द्विवेदी ने स्टे देकर क्रय-विक्रय पर रोक लगा दी । 
दोनों पक्ष हाईकोर्ट गये । प्रीतम यादव वगैरह ने पटवारी के खिलाफ याचिका दायर की पटवारी ने एस. डी. एम. के आदेश का पालन नहीं किया । हाईकोर्ट में दोनों पक्षों की 
याचिका को संयोजन कर सुनवाई की । हाईकोर्ट ने 19 सितम्बर 2023 को आदेश दिया कि प्रीतम वगैरह एस. डी. एम. के यहाँ रेग्यूलर अपील कर सुनवाई कराये । चूंकि एस. डी. एम. नौगांव में पूर्व से अपील लंबित थी, जिसमें 03.11.2023 को आदेश 
दिया कि भूमि के क्रय विक्रय में स्टे को बरकरार रखा । 
जिसके खिलाफ दूसरे पक्ष ने कलेक्टर के यहाँ अपील की । निगरानी स्वीकार कर ली।जिसके विरूद्ध प्रीतम वगैरह द्वारा कमिश्नर के यहाँ अपील की । जहाँ से पुनः स्टे मिल गया।
छुटिया के वैध वारिस राजेश्वरी ममता जिन्होंने प्रीतम वगैरह के नाम रजिस्ट्री की थी वह हाईकोर्ट पहुंची । जिन्हें हाईकोर्ट ने वैध मान नोटिस दोनों पक्षों के वारसान को जारी कर दिये।
रिकार्ड सुधार के आवेदन पर एस. डी. एम. विशा वाधवानी ने 22.10.2024 को आदेश जारी किया कि लोक अदालत का राजीनामा के आधार पर पूर्व एस. डी. एम. के आदेश का परिपालन कर रिकार्ड में सुधार कराया जावे ।
कुल मिलाकर इस मामले में प्रीतम यादव ने हर नारायण शर्मा पटवारी पर हेरा फेरी कर विवाद को गहराने का आरोप लगाया। प्रीतम यादव ने बताया कि उन्होंने हरनारायण शर्मा पटवारी की इस हेरा फेरी के संबंध में कई बार शिकायतें उच्च अधिकारियों को की, पर आज तक उन पर कोई कार्यवाही नहीं की गई।

**नरेंद्र सर्राफ अधिमान्य पत्रकार**

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