*छात्र की बीमारी के चलते मृत्यु होने से जांच में अधीक्षक की लापरवाही आई सामने*
*अधीक्षक द्वारा छात्र का समय पर नहीं कराया गया था स्वास्थ्य परीक्षण*
छतरपुर:-कलेक्टर पार्थ जैसवाल ने शासकीय विमुक्त घुमक्कड जाति बालक आश्रम शाला बिजावर में निवासरत् छात्र रामेश्वर अहिरवार पिता गनपत अहिरवार कक्षा 7वी की स्वास्थ्य खराब होने पर उपचार हेतु जिला चिकित्सालय छतरपुर लाया गया था। जहां से चिकित्सक द्वारा छात्र की स्थिति को गंभीर (सांस नहीं चल रही थी/अचेतन/बेहोश) बताया गया। साथ ही ब्लड सेम्पल रिपोर्ट में डेग्यूं पॉजीटिव आने से तत्काल भोपाल रेफर किया गया। जिसके उपरांत भोपाल चिरायू अस्पताल में छात्र की मृत्यु होने की सूचना प्राप्त हुई। कलेक्टर श्री जैसवाल द्वारा उक्त घटना की जांच के लिए तहसील बिजावर को निर्देशित किया और तहसीलदार के जांच प्रतिवेदन और डॉक्टर की रिपोर्ट अनुसार छात्रावास के अधीक्षक राजेश विश्वकर्मा की लापरवाही सामने आई। जिससे यह प्रतीत होता है कि छात्र के स्वास्थ्य की समय पर स्वास्थ्य संबंधित परीक्षण की कार्यवाही में लापरवाही की गई है। जिससे उक्त घटना घटित हुई है। प्रथम दृष्टया अधीक्षक की लापरवाही प्रतीत होने पर राजेश विश्वकर्मा अधीक्षक शासकीय विमुक्त घुमक्कड जाति बालक आश्रम शाला बिजावर को म.प्र. सिविल सेवा (वर्गीकरण नियंत्रण एवं अपील) नियम 1966 के नियम 09 के तहत तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाकर मुख्यालय जनजातीय कार्य विभाग कार्यालय छतरपुर नियत किया गया है। निलंबन अवधि में इन्हे मूलभूत नियम 53 के तहत नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता होगी।
**नरेंद्र सर्राफ अधिमान्य पत्रकार**